This is a random personal blog - covering everything from poetry to politics. Views presented are strictly my own.
उस दिन मैं
कविता की किताब
नहीं पढ़ रहा था
खुद को सिखा रहा था
तुम्हें पढ़ना
ਉਸ ਦਿਨ ਮੈਂ
ਗੀਤ ਨਹੀਂ ਸੀ ਪੜ੍ਹਦਾ
ਸੀਖਣ ਬੈਠਾ ਸੀ
ਤੈਨੂ ਪੜ੍ਹਨਾ
Us din main
geet nahi see padhdaa
Sikhan baithaa see
tainu padhna
और तुमको पढ़ते हुए ख़ुद को पढ़ रहा था
:) Thank you!!
Kitna sundar khyaal hai!!
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3 comments:
और तुमको पढ़ते हुए ख़ुद को पढ़ रहा था
:) Thank you!!
Kitna sundar khyaal hai!!
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