हर रिश्ते की बुनियाद भी होती है, और मियाद भी होती है।
पर इन दोनों का आपस में रिश्ता हो, ये ज़रूरी नहीं।
गहरी बुनियाद से मियाद हमेशा लंबी नहीं होती
लंबी मियाद में भी बुनियाद कभी अछूती रह जाती है।
हल्की बुनियाद पर लंबी मियाद की दोस्तियां तो क्या, शादियाँ भी निभ जाती हैं
और गहरी बुनियाद पर बने रिश्ते छोटी मियाद ले कर आते हैं, जैसे दिवाली के अनार।
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