कहाँ गई थीं?
कुछ
सामान खरीदना था, तो आशीष साथ में चल पड़ा था।
हम्म।
अच्छा, तो मैं चलता हूँ।
अरे?
अचानक?
चाय
पिलाने के लिए रवि, समान खरीदवाने के लिए आशीष, बातें सुनने के लिए राहुल। मेरे हर
रोल में कोई न कोई नाम भर गया है। अब मेरी क्या जगह है यहाँ?
तुम्हारा
एक ही रोल था हमेशा से – तुम। और उस रोल को कोई नहीं भर पाएगा।