Saturday, January 24, 2026

अच्छा ही हुआ

उस दिन जो तुम 

रुक जाते 

तो क्या 

ठिठक जाता 

        समय? 

थम जाते 

    समय के प्रहार? 

    प्रहरियों के कटाक्ष? 

सूख जाती 

    आँसू की धार? 


नहीं न? 


तुमने 

देहरी पार कर के 

समय 

परिस्थिति 

और दुख 

सब को 

बहने की सुविधा दे दी 

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