Monday, May 03, 2021

Pralay par Kshanikaayein

धरती रहती है 

रहेगी 

प्रलय न रही 

न रहती 

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प्रलय 

घड़ी का घंटा 

सृजन , जीवन 

कालचक्र - 

निरंतर और 

अनवरत 

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On why I talk of hope even in these times 

मैं दीपक हूँ 

आकाश को 

प्रज्वलित नहीं कर सकता 

मैं दीपक हूँ 

अंधेरा 

नहीं दे सकता 

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