Tuesday, December 20, 2011

translation from the browsing corner


मैं तुम्हें चाहता हूँ

जैसे रोटी को नमक के साथ खाना

जैसे तेज़ बुखार में रात को उठना
...
और नल से मुंह लगा कर पानी पीना

जैसे डाकिए का लाया

भारी-भरकम पार्सल खोलना

तेज़ धडकनें लिए, आनंदित, अनिश्चित

एकदम बिना जाने कि उस में है क्या

मैं तुम्हें चाहता हूँ

जैसे हवाईजहाज़ में

समुद्र के ऊपर से पहली उड़ान भरना

जैसे मेरे भीतर कुछ आंदोलित होता है

मैं तुम्हें चाहता हूँ

जैसे ईश्वर का आभारी होना

1 comment:

adee s said...

this is so *my heart speaking to me* or some word like that :)