Saturday, February 28, 2015

यास / hopelessness

मैं सदा तेरी किताब के
हाशिये में ही रहा हूँ
मुखपृष्ठ पर
या सहफे पर
कभी नाम नहीं आया मेरा


होली के गुब्बारे में
पानी का वज़न चाहे जितना हो
वज़ू नहीं करता कोई
उस पीठ पर फूटने वाले से

पानी के कतरे भी
ले कर आते हैं
अपना नसीब

तो मैंने कौन से सपने के तहत
पार करना था
हाशिये से सहफे  का सफर ?



Thursday, February 26, 2015

mat pooch ke kya haal hai mera tere peeche ?
        too  dekh  ke  kya  rang  tera  mere  aage

Wednesday, February 25, 2015

chand Sitaron se kya poochho - Abid Ali ABid

चाँद सितारों से  क्या पूछो , कब दिन मेरे फिरते हैं 
 वो तो बेचारे खुद हैं भिखारी डेरे डेरे फिरते हैं 

जिन गलियों में हम ने सुख की सेज पे रातें काटी थी 
उन गलियों में व्याकुल होकर साँझ सवेरे फिरते हैं 

जिन के शाम बदन साये में मेरा मन सुस्ताया था 
अब तक आँखों के आगे, वो बादल घनेरे फिरते हैं 

 कोई हमें भी ये समझा दो, उन पर दिल क्यों रीझ गया 
तीखी चितवन बाँकी छब वाले बहुतेरे फिरते हैं 

इस नगरी में बाग़ और बान की यारो लीला न्यारी है 
पंछी अपने सर पे उठाकर अपने बसेरे फिरते हैं 

लोग तो  दामन सी लेते हैं , जैसे भी हो जी लेते हैं 
आबिद हम दीवाने हैं  जो बाल बिखेरे फिरते हैं. 

 

Benaam sa ye dard ... Nida Fazli

बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यों नहीं जाता
जो बीत गया हैं वो गुजर क्यों नहीं जाता

सबकुछ हैं क्या ढूंढती रहती हैं निगाहें
क्या बात हैं मैं वक़्त पे घर क्यों नहीं जाता

वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में
जो दूर हैं वो दिल से उतर क्यों नहीं जाता

मैं अपनी ही उलझी हुई राहों का तमाशा
जाते हैं जिधर सब मैं उधर क्यों नहीं जाता

वो नाम जो बरसों से, ना चेहरा ना बदन हैं
वो ख्वाब अगर हैं तो बिखर क्यों नहीं जाता

Monday, February 23, 2015

ये भी होगा वो मुझे दिल से भुला देगा मगर
यूँ भी होगा , खुद उसी में इक खला रह जाएगा
 

Sitara Devi

Ladies and gentlemen.. presenting greatness...
https://www.youtube.com/watch?v=j7WQmxTOOeE

Wednesday, February 18, 2015

How does one write
an Elegy for a Grams
Rest Well, Naani..
You have not gone
You live
When I tell my niece
that she should not learn Phulkari
And when I send my son
to see a fillum alone
with his friends
I will think of u and smile.
Rest well, Grams
because when I told my son
That you were the monitor of your class
In Class 5 - the highest class available for girls
in Gujranwala
And that you stood and acted
as the overseer
for labour
building that house
in post partition India
for you and your family..
when I told him that
he said
"But that's my chaiji. where is your chaiji?"
Rest well, Buddi Mai.. you are not gone.
and The Swang.. it waits.. for another wedding.
You and I
will do it again
together -
The wily mother in law .

Sunday, February 15, 2015

Sunday, February 08, 2015

ab why should i alone suffer.. u also suffer..

https://www.youtube.com/watch?v=FcY4NZRrNxQ

:)
तुम बैठे हो, लेकिन  जाते  देख रहा हूँ
मैं तन्हाई के दिन आते देख रहा हूँ

आने वाले लम्हे से दिन सहमा है
तुमको भी डरते घबराते देख रहा हूँ

कब यादों का ज़ख्म भरे, कब दाग मिटें मिटे
कितने दिन लगते हैं भुलाते, देख रहा हूँ

 उसकी आँखों में भी काजल फैला है
मैं भी मुड़ के , जाते जाते देख रहा हूँ