Sunday, April 05, 2026

kshanika

पतझड़ और शिशिर के बाद 

पेड़ों को मिलता है 

बसंत 

पत्तों को 

सद्गति। 


पेड़ या पत्ता होना 

नियति भी हो सकती है 

और निर्णय भी 


2 comments:

Anita said...

जो आज झरा हुआ पत्ता है वह कभी पेड़ था और भूमि में मिलकर कल फिर पेड़ हो जाएगा

How do we know said...

What a lovely perspective! Thank you!!