ki-jaana-main-kaun

This is a random personal blog - covering everything from poetry to politics. Views presented are strictly my own.

Friday, April 03, 2026

Kshanika

›
भूकंप के बाद  घर वाले  फोन कर के पूछते हैं,  "सब ठीक है न?"  भूकंप. के.        बाद.   

स्मृति और विस्मृति

›
 तुम्हारे जाने पर  मैंने शोक संदेश नहीं लिखा  न भावभीनी श्रद्धांजलि  न ज़्यादा गला फाड़ कर रोना  तुम्हारे तन को  पवित्र अग्नि को अर्पित किया  ...
Thursday, April 02, 2026

Hamaare baare mein

›
मुझे लगता था तुम आक* हो, और मैं पानी।  एक को दूसरे को खाली होने तक सींचना होगा, और फिर खाली हाथ वापिस मुड़ जाना होगा।   पर हम और तुम, धतूरा औ...
2 comments:

On doomscrolling

›
 Doomscrolling 3 तरह की होती है :  1. की बनु दुनिया दा? - Worry for the world (war, ecology, ur apocalypse of choice)  2. मेरा क्या होगा काल...
2 comments:
Thursday, March 26, 2026

Book Review: Khushboo sa bikharna mera by Amita Parsuram 'Meeta'

›
इस पुस्तक में अक्षर, गज़लें, और नज़्में है। शायरा की अपनी आवाज़ भी है, और बहर भी है।  71 ग़ज़लें, 17 नज़्में, और 45 अकेले शेर 140 पन्नों की किताब ...
2 comments:
Friday, March 20, 2026

Short Story

›
  “कभी कभी टूटे दिल का दर्द ऐसे रिसता है, जैसे नाली के किनारे कट कर पड़ी लाश में से खून। और कभी, अंदर किसी गुम चोट से धीरे धीरे पड़ते नील ...
1 comment:
Sunday, March 15, 2026

Kshanika

›
तुम्हारे बिना  हम जीवंत होते हैं  तुम्हारे साथ  जीवित  Translation:  When you are not in the room, I am the most vivacious, energetic person...
6 comments:
Thursday, March 12, 2026

मुझे इश्क है पलाश से

›
मुझे इश्क है  पलाश से  तुम हँसोगे।  पलाश भी कोई इश्क करने जैसा पेड़ है?  है।  सुनो तो।  पलाश के पत्ते  और फूल  कभी साथ नहीं आते  भरे पूरे पेड़...
2 comments:
Thursday, March 05, 2026

Random original quotes

›
Market तो समुद्र पर चलती नाव है - ऊपर नीचे होती ही रहेगी।  ******  सुख वो पोटली है, जिस में आचार और रोटी बंधी है। कहीं भी खोल कर, किसी के सा...
2 comments:
›
Home
View web version
Powered by Blogger.